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  • प्राकृतिक सुन्दरता आफ्नै बगैचा मा ।
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  • महत्वपूर्ण यह नही कि रावण विद्वान था,
    महत्वपूर्ण यह है कि एक विद्वान, रावण भी हो सकता है...!!!
    Good morning!!
    महत्वपूर्ण यह नही कि रावण विद्वान था, महत्वपूर्ण यह है कि एक विद्वान, रावण भी हो सकता है...!!! Good morning!!
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  • https://www.nepalpress.com/2022/05/14/188821/
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  • Can you name these two Hollywood heroes?
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  • Duet kasto cha
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  • #Healthy breakfast
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  • Thank you mausamji for connecting me in this app
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  • Common Liverpool.
    #FACUPfinal
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  • सुबह मेघनाथ से लक्ष्मण का अंतिम युद्ध होने वाला था। वह मेघनाथ जो अब तक अविजित था। जिसकी भुजाओं के बल पर रावण युद्ध कर रहा था। अप्रितम योद्धा !
    जिसके पास सभी दिव्यास्त्र थे।

    सुबह लक्ष्मण जी , भगवान राम से आशीर्वाद लेने गये।
    उस समय भगवान राम पूजा कर रहे थे !

    पूजा समाप्ति के पश्चात प्रभु श्री राम ने हनुमानजी से पूछा अभी कितना समय है युद्ध होने में?

    हनुमानजी ने कहा कि अभी कुछ समय है! यह तो प्रातःकाल है।

    भगवान राम ने लक्ष्मण जी से कहा ! यह पात्र लो भिक्षा मांगकर लाओ , जो पहला व्यक्ति मिले उसी से कुछ अन्नं मांग लेना।

    सभी बड़े आश्चर्य में पड़ गये। आशीर्वाद की जगह भिक्षा! लेकिन लक्ष्मण जी को जाना ही था।

    लक्ष्मण जी जब भिक्षा मांगने के लिए निकले तो उन्हें सबसे पहले रावण का सैनिक मिल गया! आज्ञा अनुसार मांगना ही था। यदि भगवान की आज्ञा न होती तो उस सैनिक को लक्ष्मण जी वहीं मार देते। परंतु वे उससे भिक्षा मांगते है।

    सैनिक ने अपनी रसद से लक्ष्मण जी को कुछ अन्न दे दिए।

    लक्ष्मण जी वह अन्न लेकर भगवान राम को अर्पित कर दिए।

    तत्पश्चात भगवान राम ने उन्हें आशीर्वाद दिया...विजयी भवः।

    भिक्षा का मर्म किसी के समझ नहीं आया ! कोई पूछ भी नहीं सकता था... फिर भी यह प्रश्न तो रह ही गया।

    फ़िर भीषण युद्ध हुआ!

    अंत मे मेघनाथ ने त्रिलोक कि अंतिम शक्तियों को लक्ष्मण जी पर चलाया। ब्रह्मास्त्र , पशुपात्र , सुदर्शन चक्र ! इन अस्त्रों कि कोई काट न थी।

    लक्ष्मण जी सिर झुकाकर इन अस्त्रों को प्रणाम किए। सभी अस्त्र उनको आशीर्वाद देकर वापस चले गए।

    उसके बाद राम का ध्यान करके लक्ष्मण जी ने मेघनाथ पर बाण चलाया ! वह हँसने लगा और उसका सिर कटकर जमीन पर गिर गया।उसकी मृत्यु हो गई।

    उसी दिन सन्ध्याकालीन समय भगवान राम शिव की आराधना कर रहे थे। वह प्रश्न तो अबतक रह ही गया था। हनुमानजी ने पूछ लिया! प्रभु वह भिक्षा का मर्म क्या है ?

    भगवान मुस्कराने लगे , बोले मैं लक्ष्मण को जानता हूँ....वह अत्यंत क्रोधी है।लेकिन युद्ध में बहुत ही विन्रमता कि आवश्यकता पड़ती है! विजयी तो वही होता है जो विन्रम हो। मैं जानता था मेघनाथ! ब्रह्मांड कि चिंता नहीं करेगा। वह युद्ध जीतने के लिये दिव्यास्त्रों का प्रयोग करेगा! इन अमोघ शक्तियों के सामने विन्रमता ही काम कर सकती थी। इसलिये मैंने लक्ष्मण को सुबह झुकना बताया!एक वीर शक्तिशाली व्यक्ति जब भिक्षा मांगेगा तो विन्रमता स्वयं प्रवाहित होगी। लक्ष्मण ने मेरे नाम से बाण छोड़ा था ...यदि मेघनाथ उस बाण के सामने विन्रमता दिखाता तो मैं भी उसे क्षमा कर देता।

    भगवान श्रीरामचन्द्र जी एक महान राजा के साथ अद्वितीय सेनापति भी थे। युद्धकाल में विन्रमता शक्ति संचय का भी मार्ग है ! वीर पुरुष को शोभा भी देता है।इसलिए किसी भी बड़े धर्म युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए विनम्रता औऱ धैर्य का होना अत्यंत आवश्यक है......

    रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा भी है...................

    धीरज धर्म मित्र अरु नारी...
    आपद काल परिखिअहिं चारी...!!
    सुबह मेघनाथ से लक्ष्मण का अंतिम युद्ध होने वाला था। वह मेघनाथ जो अब तक अविजित था। जिसकी भुजाओं के बल पर रावण युद्ध कर रहा था। अप्रितम योद्धा ! जिसके पास सभी दिव्यास्त्र थे। सुबह लक्ष्मण जी , भगवान राम से आशीर्वाद लेने गये। उस समय भगवान राम पूजा कर रहे थे ! पूजा समाप्ति के पश्चात प्रभु श्री राम ने हनुमानजी से पूछा अभी कितना समय है युद्ध होने में? हनुमानजी ने कहा कि अभी कुछ समय है! यह तो प्रातःकाल है। भगवान राम ने लक्ष्मण जी से कहा ! यह पात्र लो भिक्षा मांगकर लाओ , जो पहला व्यक्ति मिले उसी से कुछ अन्नं मांग लेना। सभी बड़े आश्चर्य में पड़ गये। आशीर्वाद की जगह भिक्षा! लेकिन लक्ष्मण जी को जाना ही था। लक्ष्मण जी जब भिक्षा मांगने के लिए निकले तो उन्हें सबसे पहले रावण का सैनिक मिल गया! आज्ञा अनुसार मांगना ही था। यदि भगवान की आज्ञा न होती तो उस सैनिक को लक्ष्मण जी वहीं मार देते। परंतु वे उससे भिक्षा मांगते है। सैनिक ने अपनी रसद से लक्ष्मण जी को कुछ अन्न दे दिए। लक्ष्मण जी वह अन्न लेकर भगवान राम को अर्पित कर दिए। तत्पश्चात भगवान राम ने उन्हें आशीर्वाद दिया...विजयी भवः। भिक्षा का मर्म किसी के समझ नहीं आया ! कोई पूछ भी नहीं सकता था... फिर भी यह प्रश्न तो रह ही गया। फ़िर भीषण युद्ध हुआ! अंत मे मेघनाथ ने त्रिलोक कि अंतिम शक्तियों को लक्ष्मण जी पर चलाया। ब्रह्मास्त्र , पशुपात्र , सुदर्शन चक्र ! इन अस्त्रों कि कोई काट न थी। लक्ष्मण जी सिर झुकाकर इन अस्त्रों को प्रणाम किए। सभी अस्त्र उनको आशीर्वाद देकर वापस चले गए। उसके बाद राम का ध्यान करके लक्ष्मण जी ने मेघनाथ पर बाण चलाया ! वह हँसने लगा और उसका सिर कटकर जमीन पर गिर गया।उसकी मृत्यु हो गई। उसी दिन सन्ध्याकालीन समय भगवान राम शिव की आराधना कर रहे थे। वह प्रश्न तो अबतक रह ही गया था। हनुमानजी ने पूछ लिया! प्रभु वह भिक्षा का मर्म क्या है ? भगवान मुस्कराने लगे , बोले मैं लक्ष्मण को जानता हूँ....वह अत्यंत क्रोधी है।लेकिन युद्ध में बहुत ही विन्रमता कि आवश्यकता पड़ती है! विजयी तो वही होता है जो विन्रम हो। मैं जानता था मेघनाथ! ब्रह्मांड कि चिंता नहीं करेगा। वह युद्ध जीतने के लिये दिव्यास्त्रों का प्रयोग करेगा! इन अमोघ शक्तियों के सामने विन्रमता ही काम कर सकती थी। इसलिये मैंने लक्ष्मण को सुबह झुकना बताया!एक वीर शक्तिशाली व्यक्ति जब भिक्षा मांगेगा तो विन्रमता स्वयं प्रवाहित होगी। लक्ष्मण ने मेरे नाम से बाण छोड़ा था ...यदि मेघनाथ उस बाण के सामने विन्रमता दिखाता तो मैं भी उसे क्षमा कर देता। भगवान श्रीरामचन्द्र जी एक महान राजा के साथ अद्वितीय सेनापति भी थे। युद्धकाल में विन्रमता शक्ति संचय का भी मार्ग है ! वीर पुरुष को शोभा भी देता है।इसलिए किसी भी बड़े धर्म युद्ध में विजय प्राप्ति के लिए विनम्रता औऱ धैर्य का होना अत्यंत आवश्यक है...... रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा भी है................... धीरज धर्म मित्र अरु नारी... आपद काल परिखिअहिं चारी...!!
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  • If your vision is unlimited, if your thoughts are selfless, if your intentions are clean, if your determination is strong then the universe is bound to support you to manifest it into reality. #brahmakumaris #thoughtoftheday #determination #positivevibesonly #weekendvibes #sundayvibes #wisdomquotes
    If your vision is unlimited, if your thoughts are selfless, if your intentions are clean, if your determination is strong then the universe is bound to support you to manifest it into reality. #brahmakumaris #thoughtoftheday #determination #positivevibesonly #weekendvibes #sundayvibes #wisdomquotes
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  • विद्यां चाविद्यां च यस्तद्वेदोभ्य सह ।
    अविद्यया मृत्युं तीर्त्वाऽमृतमश्नुते ॥
    Transliteration:
    vidyāṃ cāvidyāṃ ca yastadvedobhya saha ।
    avidyayā mṛtyuṃ tīrtvā’mṛtamaśnute ॥

    English Translation:
    One who knows both, the material science as well as the spiritual science, transgresses fear of death by the former, i.e. by proper bodily and mental efforts, and attains salvation by the latter, i.e. by the purity of mind and soul.

    Hindi Translation:
    जो दोनों को जानता है, भौतिक विज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक विज्ञान भी, पूर्व से मृत्यु का भय, अर्थात् उचित शारीरिक और मानसिक प्रयासों से, और उत्तरार्द्ध, अर्थात् मन और आत्मा की पवित्रता से मुक्ति प्राप्त करता है।
    विद्यां चाविद्यां च यस्तद्वेदोभ्य सह । अविद्यया मृत्युं तीर्त्वाऽमृतमश्नुते ॥ Transliteration: vidyāṃ cāvidyāṃ ca yastadvedobhya saha । avidyayā mṛtyuṃ tīrtvā’mṛtamaśnute ॥ English Translation: One who knows both, the material science as well as the spiritual science, transgresses fear of death by the former, i.e. by proper bodily and mental efforts, and attains salvation by the latter, i.e. by the purity of mind and soul. Hindi Translation: जो दोनों को जानता है, भौतिक विज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक विज्ञान भी, पूर्व से मृत्यु का भय, अर्थात् उचित शारीरिक और मानसिक प्रयासों से, और उत्तरार्द्ध, अर्थात् मन और आत्मा की पवित्रता से मुक्ति प्राप्त करता है।
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  • मा कुरु धनजनयौवनगर्वं हरति निमेषात्कालः सर्वम्।
    मायामयमिदमखिलं हित्वा ब्रह्मपदं त्वं प्रविश विदित्वा॥
    Transliteration:
    mā kuru dhanajanayauvanagarvaṃ harati nimeṣātkālaḥ sarvam।
    māyāmayamidamakhilaṃ hitvā brahmapadaṃ tvaṃ praviśa viditvā॥

    English Translation:
    Don’t be proud of wealth, people or youth; time takes them away in a minute.
    Forgo all this illusion and enter the state of Brahman after knowing this.​

    Hindi Translation:
    धन, जन, और यौवन पर घमण्ड मत करो; काल इन्हें पल में छीन लेता है।
    इस माया को छोड़ कर इस ज्ञान से ब्रह्मपद में प्रवेश करो।
    मा कुरु धनजनयौवनगर्वं हरति निमेषात्कालः सर्वम्। मायामयमिदमखिलं हित्वा ब्रह्मपदं त्वं प्रविश विदित्वा॥ Transliteration: mā kuru dhanajanayauvanagarvaṃ harati nimeṣātkālaḥ sarvam। māyāmayamidamakhilaṃ hitvā brahmapadaṃ tvaṃ praviśa viditvā॥ English Translation: Don’t be proud of wealth, people or youth; time takes them away in a minute. Forgo all this illusion and enter the state of Brahman after knowing this.​ Hindi Translation: धन, जन, और यौवन पर घमण्ड मत करो; काल इन्हें पल में छीन लेता है। इस माया को छोड़ कर इस ज्ञान से ब्रह्मपद में प्रवेश करो।
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  • देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा।
    तथा देहान्तरप्राप्तिर्धीरस्तत्र न मुह्यति॥ २-१३
    Transliteration:
    dehino’sminyathā dehe kaumāraṃ yauvanaṃ jarā।
    tathā dehāntaraprāptirdhīrastatra na muhyati॥ 2-13
    Hindi Translation:
    जैसे इस देह में देही जीवात्मा की कुमार, युवा और वृद्धावस्था होती है
    वैसे ही उसको अन्य शरीर की प्राप्ति होती है। धीर पुरुष इसमें मोहित नहीं होता है।
    English Translation:
    Just as the boyhood, youth and old age come to the embodied Soul in this body, in the same manner, is the attaining of another body; the wise man is not deluded at that.
    देहिनोऽस्मिन्यथा देहे कौमारं यौवनं जरा। तथा देहान्तरप्राप्तिर्धीरस्तत्र न मुह्यति॥ २-१३ Transliteration: dehino’sminyathā dehe kaumāraṃ yauvanaṃ jarā। tathā dehāntaraprāptirdhīrastatra na muhyati॥ 2-13 Hindi Translation: जैसे इस देह में देही जीवात्मा की कुमार, युवा और वृद्धावस्था होती है वैसे ही उसको अन्य शरीर की प्राप्ति होती है। धीर पुरुष इसमें मोहित नहीं होता है। English Translation: Just as the boyhood, youth and old age come to the embodied Soul in this body, in the same manner, is the attaining of another body; the wise man is not deluded at that.
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  • Video from a railway station in Mumbai.
    Can you be able to cope this?
    @MeghUpdates
    Video from a railway station in Mumbai. Can you be able to cope this? @MeghUpdates
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  • Central government of India to set up board for promotion of Vedic education.
    Under the National Education Policy, a special Vedic education board will come into existence to maintain the relevance of the text of Vedas in modern society.

    Experts of Sanskrit language and mathematics will also be involved in the process

    @MeghUpdates
    Central government of India to set up board for promotion of Vedic education. Under the National Education Policy, a special Vedic education board will come into existence to maintain the relevance of the text of Vedas in modern society. Experts of Sanskrit language and mathematics will also be involved in the process @MeghUpdates
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  • ⚡Egypt's Agriculture ministry after inspecting Indian wheat says it has the highest protein content in any wheat.

    @MeghUpdates
    ⚡Egypt's Agriculture ministry after inspecting Indian wheat says it has the highest protein content in any wheat. @MeghUpdates
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  • #Dununu-iOS
    If you have an iOS phone , you can create Dununu shortcut which looks exactly like the app. Please do this until we launch our app on iOS.
    Check this site out for step by step instruction.
    https://www.groovypost.com/howto/add-a-website-shortcut-to-your-iphone-home-screen/
    #Dununu-iOS If you have an iOS phone , you can create Dununu shortcut which looks exactly like the app. Please do this until we launch our app on iOS. Check this site out for step by step instruction. https://www.groovypost.com/howto/add-a-website-shortcut-to-your-iphone-home-screen/
    WWW.GROOVYPOST.COM
    How to Add a Website to Your iPhone or iPad Home Screen
    Usually, you think of the home screen on your iPhone or iPad as the place where your apps reside. But you can add websites there, too.
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